अथर्ववेद संहिता भाषा-भाष्य (खण्ड 3) : अज्ञात द्वारा मुफ्त हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक | Atharvaveda Samhita Bhasha-Bhashya (Vol. 3) : by Unknown Free Hindi PDF Book

अथर्ववेद संहिता भाषा-भाष्य (खण्ड 3) : अज्ञात द्वारा मुफ्त हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक | Atharvaveda Samhita Bhasha-Bhashya (Vol. 3) : by Unknown Free Hindi PDF Book

अथर्ववेद संहिता भाषा-भाष्य (खण्ड 3) : अज्ञात द्वारा मुफ्त हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक | Atharvaveda Samhita Bhasha-Bhashya (Vol. 3) : by Unknown Free Hindi PDF Book
लेखक / Writerअज्ञात / Unknown
पुस्तक की भाषा / Atharvaveda Samhita Bhasha-Bhashya (Vol. 3) Book by Languageहिंदी / Hindi
पुस्तक का साइज़ / Book by Size21 MB
कुल पृष्ठ / Total Pages196
श्रेणी / Category धार्मिक / Religious  , हिंदू / Hinduism , पौराणिक / Mythological

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डिप्रेशन से बचाती और उम्मीद जगाती हैं किताब

कहीं न कहीं आपने यह पढ़ा या सुना जरूर होगा कि किताबें हमारी अच्छी दोस्त होती हैं | विज्ञानियों का कहना है कि किताब पढ़ने से न केवल हमारा ज्ञान बढ़ता है बल्कि यह हमारे मूड को रिप्रेश करने का भी काम करती है | अमेरिका की पीटरसबर्ग यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन के मुताबिक जो लोग किताबें पढ़ने में अधिक समय व्यतीत करते है उन्हें डिप्रेशन होने का खतरा कम हो जाता है |

“ सभी जीवों के प्रति दयावान बनो।”

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पुस्तक स्रोत

नोट – इंटरनेट पर उपलब्ध अधिकांश जानकारी मानक नहीं मानी जाती है और न ही उन्हें संदर्भ स्रोत माना जाता है जबकि किताब और रिसर्च पेपर को मानक माना जाता है | विकिपीडिया आदि छद्म संदर्भ स्रोत हैं और इनमें बहुत सी जानकारी गलत होती है। किताब संस्करण दर संस्करण और परिष्कृत होती जाती है और अप टू डेट भी। इंटरनेट का एक पेज जिसे एक व्यक्ति मेन्टेन कर रहा हो वहाँ ऐसी उम्मीद आप नहीं रख सकते हैं और समय के साथ वह इंटरनेट पर पुरानी हो जाती है।

किताब एक विषय पर लिखी जाती है जबकि इंटरनेट में एक टॉपिक पर । इसी कारण एक विषय पर समस्त जरूरी जानकारी क्रमबद्ध रूप में एक किताब में प्रस्तुत की जाती है ; जबकि इंटरनेट में यहां वहां जहां तहां जानकारियां बिखड़ी रहती हैं जिन्हें जतनपूर्वक पहले ढूंढना पड़ता है वह शुद्ध/सही है कि नहीं इसकी पुष्टि करनी पड़ती है फिर उन्हें एक क्रम में सजाना पड़ता है तभी एक विषय पर सटीक जानकारी समग्र रूप से उपलब्ध हो पाती है। इंटरनेट में अधिकांश लोग शौकिया लिखते हैं जबकि किताबें पेशेवर लेखक द्वारा लिखी जाती हैं। इंटरनेट पर सटीक और सम्पूर्ण जानकारी अभी भी पुस्तकों में ही उपलब्ध है जिन्हें आप इंटरनेट से डाउनलोड कर सकते हैं हमें खुशी है की हम अपने यूजर के लिए यह कोशिश pdfbank.in द्वारा की जा रही है |

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